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मायावती का बड़ा एक्शन! पूर्व मंत्री अंटू मिश्रा BSP से निष्कासित, 2027 चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल

उत्तर प्रदेश की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने पूर्व कैबिनेट मंत्री अनंत कुमार मिश्रा ‘अंटू’ को पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी की ओर से इस कार्रवाई की वजह पार्टी विरोधी गतिविधियां और अनुशासनहीनता बताई गई है।

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए अंटू मिश्रा के निष्कासन की जानकारी दी। इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इसे बसपा संगठन के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

कौन हैं अनंत कुमार मिश्रा ‘अंटू’?

अनंत कुमार मिश्रा ‘अंटू’ बसपा के पुराने नेताओं में शामिल रहे हैं। मायावती सरकार के कार्यकाल में वह कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं।

उन्हें बसपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा का करीबी माना जाता रहा है। लंबे समय तक पार्टी संगठन में सक्रिय रहने के कारण अंटू मिश्रा का नाम बसपा के प्रमुख नेताओं में लिया जाता था।

ऐसे में उनका पार्टी से निष्कासन बसपा की आंतरिक राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मायावती ने क्यों लिया एक्शन?

बसपा प्रमुख ने पार्टी में अनुशासन और संगठनात्मक निर्देशों के पालन को लेकर सख्त संदेश दिया है।

मायावती के मुताबिक, पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठन को मजबूत रखने और कार्यकर्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए अंटू मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

मायावती लंबे समय से पार्टी संगठन में अनुशासन को प्राथमिकता देती रही हैं। ऐसे में इस कार्रवाई को भी उसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है।

BJP में जाने की भी हुई थी चर्चा

अंटू मिश्रा को लेकर पिछले कुछ समय से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें लगती रही हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं सामने आई थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह लखनऊ में भाजपा में शामिल होने के लिए पहुंचे भी थे, लेकिन उस समय उनका भाजपा में प्रवेश नहीं हो सका।

इसके बाद भी उनकी राजनीतिक सक्रियता और भविष्य की रणनीति को लेकर चर्चा जारी रही।

2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में थे अंटू?

उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। ऐसे में सभी प्रमुख राजनीतिक दल अभी से संगठन और संभावित उम्मीदवारों को लेकर तैयारियों में जुटे हैं।

बताया जा रहा है कि अंटू मिश्रा भी 2027 के चुनाव को लेकर सक्रिय थे। उनके महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी करने की चर्चा थी।

हालांकि, उनके चुनाव लड़ने या किसी दूसरे दल में शामिल होने को लेकर फिलहाल कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

अब क्या होगा अंटू मिश्रा का अगला कदम?

बसपा से निष्कासन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अनंत कुमार मिश्रा ‘अंटू’ अब किस राजनीतिक दिशा में जाएंगे।

उनका राजनीतिक अनुभव और बसपा में लंबा संगठनात्मक जुड़ाव उन्हें दूसरे दलों के लिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना सकता है। हालांकि, अभी तक अंटू मिश्रा की ओर से अपने अगले कदम को लेकर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ऐसे में उनकी अगली राजनीतिक पारी पर उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों की नजर बनी हुई है।

2027 से पहले बसपा का सख्त संदेश

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए मायावती लगातार संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रही हैं। पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता पर कार्रवाई का संदेश संगठन के दूसरे नेताओं और कार्यकर्ताओं तक भी जाता है।

अंटू मिश्रा का निष्कासन इसी लिहाज से महत्वपूर्ण है। मायावती की ओर से यह स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि पार्टी लाइन से अलग जाने या अनुशासन तोड़ने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, चाहे उनका पार्टी में कितना भी पुराना जुड़ाव क्यों न रहा हो।

अंटू मिश्रा मामले में बड़ी बातें

  • पूर्व कैबिनेट मंत्री अनंत कुमार मिश्रा ‘अंटू’ बसपा से निष्कासित।
  • मायावती ने पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता का हवाला दिया।
  • अंटू मिश्रा मायावती सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
  • उन्हें सतीश चंद्र मिश्रा का करीबी माना जाता रहा है।
  • उनके भाजपा में जाने की चर्चा पहले भी सामने आ चुकी है।
  • 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उनके सक्रिय होने की बात कही जा रही थी।
  • महाराजपुर सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाएं भी रही हैं।
  • निष्कासन के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम पर नजरें टिक गई हैं।

मायावती के इस फैसले ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अब देखना अहम होगा कि अंटू मिश्रा आगे क्या राजनीतिक फैसला लेते हैं और क्या उनका अगला कदम 2027 के विधानसभा चुनाव की तस्वीर में कोई नया समीकरण जोड़ता है।

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