

ओडिशा के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। ग्रामीण विकास और आवास योजना को गति देने के लिए ओडिशा के पंचायती राज, ग्रामीण विकास एवं पेयजल मंत्री रबी नारायण नायक ने नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की।
बैठक में ओडिशा में ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। खास तौर पर उन परिवारों की पहचान और पात्रता सत्यापन को लेकर जानकारी साझा की गई, जिन्हें योजना के तहत पक्के मकान का लाभ मिल सकता है।
38 लाख परिवारों का हुआ सर्वे
ओडिशा सरकार के मुताबिक, हाल ही में किए गए सर्वे में करीब 38 लाख परिवारों को शामिल किया गया है। अब इन परिवारों की पात्रता की जमीनी स्तर पर जांच की जा रही है।
सर्वे में केवल दस्तावेजों की जांच ही नहीं, बल्कि परिवार की वास्तविक आवासीय स्थिति का भी सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से यह देखा जा रहा है कि संबंधित परिवार के पास किस तरह का मकान है और वह PMAY-G के लिए निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करता है या नहीं।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवास योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।
27 अगस्त तक पूरा होगा सत्यापन
लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने समयसीमा भी तय की है। अधिकारियों को 27 अगस्त तक सर्वे, जांच और स्क्रूटनी पूरी करने का लक्ष्य दिया गया है।
सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र परिवारों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद राज्य सरकार यह सूची केंद्र सरकार को भेजेगी, जिससे PMAY-G के तहत आगे की प्रक्रिया शुरू हो सके।
सितंबर में मिल सकती है पहली किस्त
राज्य सरकार के अनुसार, यदि सत्यापन प्रक्रिया तय समय पर पूरी हो जाती है और पात्र लाभार्थियों की सूची केंद्र को भेज दी जाती है, तो सितंबर में ओडिशा के लिए PMAY-G की पहली चरण की आवास निधि आवंटित होने की उम्मीद है।
फंड जारी होने के बाद पात्र ग्रामीण परिवारों के पक्के मकान बनाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
हालांकि, पहली किस्त की वास्तविक तारीख और राशि का अंतिम निर्धारण संबंधित सरकारी प्रक्रिया और स्वीकृति के बाद ही स्पष्ट होगा।
सिर्फ आवास योजना पर नहीं हुई चर्चा
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ओडिशा के मंत्री रबी नारायण नायक के बीच बैठक केवल PMAY-G तक सीमित नहीं रही।
दोनों नेताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने, समयसीमा के भीतर काम पूरा करने और ग्रामीण क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया।
ओडिशा सरकार की ओर से ग्रामीण विकास से जुड़े मौजूदा कार्यों और योजनाओं की जानकारी भी केंद्रीय मंत्री के सामने रखी गई।
शिवराज सिंह चौहान ने की प्रक्रिया की सराहना
बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ओडिशा सरकार की ओर से किए जा रहे सर्वे और सत्यापन कार्य की सराहना की।
राज्य सरकार ने भी भरोसा दिलाया कि PMAY-G के तहत पात्र और जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती तय समयसीमा में सत्यापन पूरा करके सही लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार करना है।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
नई दिल्ली में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहे।
इसके अलावा ओडिशा का संसदीय प्रतिनिधिमंडल और पंचायती राज एवं पेयजल विभाग के आयुक्त-सह-सचिव गिरीश एस.एन. समेत अन्य अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
ग्रामीण परिवारों को क्यों है उम्मीद?
ओडिशा के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कई परिवार हैं, जिन्हें पक्के मकान की जरूरत है। PMAY-G के तहत पात्र परिवारों को सहायता मिलने से उनके आवास की स्थिति में सुधार हो सकता है।
अभी 38 लाख परिवारों के सर्वे के बाद वास्तविक लाभार्थियों की संख्या सत्यापन पूरा होने पर ही सामने आएगी। इसलिए सर्वे में शामिल हर परिवार को योजना का लाभ मिलना तय नहीं माना जा सकता।
अब आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
- 27 अगस्त: सर्वे और पात्रता सत्यापन पूरा करने का लक्ष्य।
- इसके बाद: पात्र परिवारों की अंतिम सूची तैयार होगी।
- केंद्र को सूची: राज्य सरकार द्वारा लाभार्थियों की सूची भेजी जाएगी।
- सितंबर: PMAY-G के तहत पहली चरण की निधि आवंटित होने की उम्मीद।
- इसके बाद: स्वीकृत लाभार्थियों के आवास निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
ओडिशा सरकार के लिए अगले कुछ सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। 27 अगस्त तक सत्यापन पूरा होने और सितंबर में आवास निधि मिलने की स्थिति में PMAY-G के जरिए ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी आ सकती है। फिलहाल नजर लाभार्थियों की अंतिम सूची और केंद्र से होने वाले फंड आवंटन पर है।




