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ओडिशा में बाढ़ के बीच BJD की बड़ी मांग, SIR की समय-सीमा 30 दिन बढ़ाने की अपील; मतदाताओं के लिए क्यों जरूरी है ये फैसला?

ओडिशा में लगातार बारिश और कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीति तेज हो गई है। विपक्षी बीजू जनता दल (BJD) ने मतदाता सूची में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा को कम से कम 30 दिन और बढ़ाने की मांग की है।

इस संबंध में BJD के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर.एस. गोपालन से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानियों को देखते हुए अतिरिक्त समय देने की अपील की है।

पहले भी बढ़ाई जा चुकी है समय-सीमा

भारत निर्वाचन आयोग ने पहले दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 4 अगस्त से बढ़ाकर 19 अगस्त की थी। BJD ने इस विस्तार के लिए निर्वाचन आयोग का आभार भी जताया।

हालांकि, पार्टी का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियां अभी भी सामान्य नहीं हैं। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, जलभराव और बाढ़ के कारण लोगों का आवागमन प्रभावित है।

ऐसे में मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर या संबंधित चुनाव कार्यालय तक पहुंचना कई नागरिकों के लिए मुश्किल हो सकता है।

बाढ़ के कारण चुनावी प्रक्रिया पर असर

BJD के मुताबिक, प्राकृतिक आपदा की स्थिति में लोगों की प्राथमिकता अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा होती है। राहत एवं बचाव कार्यों के बीच मतदाता सूची से जुड़े जरूरी दस्तावेज जमा करना या दावे-आपत्तियां दर्ज कराना प्रभावित हो सकता है।

पार्टी ने अपने ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं:

  • बड़ी संख्या में नोटिस और सत्यापन से जुड़े मामले अभी प्रक्रियाधीन हैं।
  • बाढ़ और जलभराव के कारण लोगों की आवाजाही बाधित है।
  • बूथ लेवल एजेंट और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को भी काम करने में परेशानी हो रही है।
  • दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए चुनावी कार्यालयों तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
  • किसी भी पात्र नागरिक को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या संशोधन कराने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

30 दिन और बढ़ाने की मांग

BJD ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अपील की है कि वह मौजूदा समय-सीमा को 19 अगस्त के बाद 30 दिनों के लिए और बढ़ाने की सिफारिश भारत निर्वाचन आयोग से करें।

पार्टी का तर्क है कि अतिरिक्त समय मिलने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपनी आपत्तियां और दावे दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर मिल सकेगा।

इससे उन नागरिकों को भी राहत मिल सकती है, जो प्राकृतिक आपदा के कारण निर्धारित अवधि में प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं।

दूरदराज के मतदाताओं के लिए विशेष सुविधा की मांग

BJD ने केवल समय बढ़ाने की मांग ही नहीं की है। पार्टी ने बाढ़ प्रभावित और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले मतदाताओं के लिए विशेष जागरूकता अभियान और सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी अपील की है।

ऐसे इलाकों में प्रशासन और निर्वाचन तंत्र के लिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि पात्र मतदाताओं को प्रक्रिया की जानकारी आसानी से मिले और वे अपने दावे या आपत्तियां निर्धारित तरीके से दर्ज करा सकें।

मतदाता अपनी जानकारी कैसे जांचें?

मतदाता अपने नाम और चुनाव से संबंधित जानकारी की जांच आधिकारिक निर्वाचन सेवाओं के माध्यम से कर सकते हैं।

SIR से जुड़े किसी भी दावे, आपत्ति या आवेदन की स्थिति जानने के लिए मतदाताओं को केवल आधिकारिक चुनावी माध्यमों पर भरोसा करना चाहिए।

मतदाताओं के लिए जरूरी बातें

  • अपना नाम मतदाता सूची में जरूर जांचें।
  • किसी बदलाव या त्रुटि की स्थिति में समय रहते संबंधित प्रक्रिया पूरी करें।
  • आवेदन की स्थिति की जानकारी आधिकारिक पोर्टल से लें।
  • अपने बूथ लेवल अधिकारी (BLO) से संबंधित जानकारी प्राप्त करें।
  • किसी भी अफवाह या अनधिकृत वेबसाइट पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।

अब आगे क्या?

BJD की मांग के बाद अब नजर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारत निर्वाचन आयोग के अगले कदम पर रहेगी।

बाढ़ की मौजूदा स्थिति में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या प्रभावित इलाकों के मतदाताओं को SIR की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

BJD का कहना है कि प्राकृतिक आपदा किसी भी पात्र नागरिक के मतदाता अधिकार में बाधा नहीं बननी चाहिए। ऐसे में 30 दिन की अतिरिक्त मोहलत की मांग अब ओडिशा में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बन गई है।

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