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जानें कौन सा भोजन बनाएगा सर्दियों में सेहतमंद

कहते हैं जैसा अन्न, वैसा मन । ऐसे में जरूरी हो जाता है कि भोजन की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए।  सर्दियों में अपने आप ही भूख बढ़ने लगती है और जुबान एक से बढ़कर एक जायकों के लिए चटकारे भी मारने लगती है। ऐसे में कई दफा हम सेहतमंद खानपान को छोड़कर जंक फूड की तरफ आकर्षित होने लगते हैं। इस तरह का खानपान पेट भरने के साथ स्वाद का भी भरपूर ख्याल रखता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या इससे आपकी सेहत भी बन पाती है? क्या सेहत की खातिर कुछ सही कदम उठाने का समय नहीं आ गया है? आंकड़े बताते हैं कि भारत में लगभग 23 प्रतिशत महिलाएं ओवरवेट हैं और करीब 40 प्रतिशत महिलाओं के पेट में चर्बी की समस्या है। मिलता-जुलता आंकड़ा पुरुषों और बच्चों में भी है। यह स्थिति चिंताजनक है। लेकिन कहते हैं ना कि चैरिटी बिगिन्स एट होम। इसलिए सेहत के सफर की शुरुआत भी आपको अपनी रसोई से करनी होगी। ज्यादा कुछ नहीं, आपको बस सही चुनाव करने से अपना पहला कदम उठाना होगा। इस सर्दी ऐसा खानपान अपनाएं, जो स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखे।

सर्दियों में सही भोजन के मायने
सर्दियों में सूरज की रोशनी और गुनगुनाहट में कमी आ जाती है। इस कारण हमारे शरीर में कुछ ऐसे बदलाव होते हैं, जिनकी वजह से हमारा तनाव बढ़ने लगता है या हम उदास और मायूस महसूस करने लगते हैं। इस कारण हम अकसर स्ट्रेस र्ईटिंग करते हैं। इसके अलावा हम खुद को गर्म रखने के लिए बार-बार भोजन करना पसंद करते हैं। सर्दियों के कारण शारीरिक गतिविधियों में भी कमी आ जाती है और घर पर ज्यादा रहने के कारण बार-बार कुछ खाते रहने की आदत भी बन जाती है। इन सभी कारणों से हम ठंड में अकसर ज्यादा कार्बोहाइड्रेट और वसा वाले भोजन का सेवन करने लगते हैं। ठंड में सेहतमंद रहने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित भोजन का चुनाव करना बेहद जरूरी है। इस तरह का भोजन आपको ऊर्जावान रखने के साथ ही अंदर से मजबूती भी देता है। न्यूट्रीशनिस्ट मोनिका वासुदेव कहती हैं कि भोजन के सही चुनाव के साथ ही हमें भोजन के सही तरीके की जानकारी भी होनी चाहिए। खाना भले ही सेहतमंद हो, लेकिन अगर वह सही तरीके से पच ना पाए तो वैसा भोजन आपको अंदर से बीमार भी बना सकता है।

इन्हें बनाएं थाली का हिस्सा
गुड़
सर्दियों में गुड़ और भी स्वादिष्ट लगने लगता है। इसमें मौजूद गुण आपको हैरान कर सकते हैं। इसमें मौजूद कैल्शियल हड्डियों को दुरुस्त रखता है, तो मैग्नीशियम मांसपेशियों को आराम देता है।

यूं खाएं  
आप गुड़ और बाजरे के पुए बना सकती हैं या फिर गुड़ की पूरनपोली भी बना सकती हैं। इसके अलावा गुड़ और इमली की चटनी भी आपके खाने का जायका बढ़ा सकती है।

लहसुन 
सर्दियों में अकसर रक्तचाप की समस्या हो जाती है, जिसे लहसुन से नियंत्रित किया जा सकता है। लहसुन दिल की सेहत के लिए अच्छा होता है, साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता को भी बढ़ाता है।

यूं खाएं
लहसुन को आप सुबह खाली पेट गुनगुने पानी से चबाकर खा सकती हैं। लहसुन का अचार या चटनी भी खा सकती हैं।

बाजरा
बाजरा आपको सर्दियों में अंदर से गर्म रखने के साथ ही मोटा होने से भी बचाता है। बाजरा में प्रोटीन, फाइबर, आयरन और फोलिक एसिड भरपूर मात्रा में होता है।

यूं खाएं
बाजरा के आटे की रोटी के अलावा आप गुड़-बाजरा के लड्डू बना सकती हैं। आप भुने हुए बाजरा को स्नैक्स के रूप में भी खा सकती हैं।

लौटिए, जड़ों की ओर
गर्मी के बाद ठंड का मौसम माहौल को पूरी तरह से बदल डालता है। मौसम का यह बदलाव हमारे आहार में भी बदलाव की मांग करता है। अपने आहार में पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करने से न सिर्फ सेहत से जुड़ी परेशानियों का सामना करने की ताकत आपको भीतर से मिलेगी बल्कि आप गुलाबी ठंडक वाले इस मौसम का पूरा लुत्फ भी उठा पाएंगी। ये सुपरफूड इस काम में आपकी मदद कर सकते हैं।

गोंद
पहले के जमाने में ठंड के मौसम में हर घर में गोंद के लड्डू बनना आम बात थी। वह इसलिए क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है। साथ ही यह जोड़ों को मजबूती प्रदान करने, पाचन तंत्र को मजबूत करने, गैस से और पीरियड से जुड़ी परेशानियों पर भी लगाम लगाने का काम करता है। सबसे अच्छी बात यह है कि गोंद के लड्डू बनाना भी आसान है। गोंद को घी में अच्छी तरह से भूनकर उसमें स्वादानुसार चीनी डालकर मिलाएं और उसे लड्डू का आकार दें। इस लड्डू में आप मनपसंद मेवे भी डाल सकती हैं।

कुल्थी
यह एक दाल है, जिसे नियमित रूप में हम अपनी डाइट का हिस्सा कम ही बनाते हैं। फास्फोरस, कैल्शियम, प्रोटीन और आयरन से भरपूर इस दाल को खासतौर से ठंड के मौसम में अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। पुराने जमाने में सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी व ब्रोंकाइटिस जैसी समस्या होने पर भी कुल्थी की दाल खाने की सलाह दी जाती थी। इसे आप परांठा, सूप और दाल आदि के रूप में अपनी डाइट का हिस्सा बना सकती हैं।

तिल
तिल खाने के लिए यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि मकर संक्राति का ही इंतजार किया जाए। ठंड का मौसम शुरू होते ही तिल को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना शुरू कर दें। तिल को आप गजक, लड्डू, चटनी और गार्निशिंग के रूप में अपनी डाइट का हिस्सा बना सकती हैं। तिल में फैटी एसिड्स और विटामिन-ई प्रचुर मात्रा में होता है। इसका नियमित सेवन हड्डियों, बाल और त्वचा की सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है।

घी
इस बात को मन में बैठा लीजिए कि घी खाने से वजन नहीं बढ़ता, इसलिए खासतौर से ठंड के मौसम में घी को अपनी नियमित डाइट का हिस्सा बनाइए। दाल, चावल, रोटी…हर चीज में घी डालिए और बिना किसी गिल्ट के इसके स्वाद का मजा लीजिए। शरीर को गर्माहट देने के अलावा घी विटामिन्स, मिनरल्स और सेहतमंद वसा का बहुत अच्छा स्रोत है।

इन फलों को करें डाइट में शामिल
फलों को सही तरह से खाने के बारे में मोनिका कहती हैं कि आपको फल कभी भी खाली पेट नहीं खाना चाहिए। साथ ही इन्हें भोजन से दो घंटे के अंतर में ही खाना चाहिए। ऐसा न किया जाए तो गैस और ब्लोटिंग की समस्या होने लगती है। सर्दियों में कुछ खास फलों को अपनी डाइट में शामिल करके आप अच्छी सेहत का वरदान प्राप्त कर सकती हैं।

सेब 
सेब को वैसे भी सेहत का खजाना माना गया है। सर्दियों में ये आसानी से मिल भी जाते हैं। सर्दियों में इनके सेवन से आपका न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से भी बचाव हो सकता है।

यूं खाएं
सेब को आप सीधे तौर पर खाने के अलावा स्मूदी या रायते में डालकर खा सकती हैं।

अंगूर 
अंगूर में एंटीऑक्सिडेंट की अच्छी मात्रा होती है, इसलिए इससे आपका कई तरह की समस्याओं से बचाव हो सकता है। इसमें मौजूद पोटैशियम आपकी त्वचा का ध्यान रखता है, वहीं अंगूर के सेवन से दिमागी सेहत और घुटनों की सेहत भी दुरुस्त रह सकती है।

यूं खाएं
अंगूर फ्रूट बास्केट, सलाद और रायते का हिस्सा तो हमेशा से ही बनता आया है, लेकिन आप इसे रोस्ट करके और उसे चटपटा बनाकर भी खा सकती हैं। या फिर आप अंगूर का अचार भी डाल सकती हैं।

कीवी
कीवी मे विटामिन-सी अच्छी मात्रा में होता है, जो आपको ऊर्जावान बनाने के साथ और भी कई तरीके से लाभ पहुंचा सकता है। साथ ही इसमें मौजूद एल्कलाइन आपके वजन का ख्याल रखता है। प्रचुर मात्रा में फाइबर होने के कारण इसके सेवन से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है।

यूं खाएं
आप कीवी को छिलके सहित भी खा सकती हैं क्योंकि इसके छिलके में भी भरपूर पोषक तत्व होते हैं। आप कीवी को स्ट्रॉबेरी और पालक के साथ जूस बनाकर या स्मूदी बनाकर पी सकती हैं।

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