वेट लॉस जर्नी के दौरान इन दिनों में ना करें वेट चेक, मिलेगा गलत रिजल्ट

जब कोई व्यक्ति वजन कम या फिर बढ़ाना चाहता है तो उसे खूब मेहनत करनी पड़ती है। इसके लिए खान पान में बदलाव करने के साथ ही खूब मेहनत भी करनी पड़ती है। हालांकि, खूब मेहनत के बाद अगर वजन चेक करने पर कुछ बदलाव ना हो तो निराशा होने लगती है। ऐसा गलत समय पर वजन चेक करने के कारण हो सकता है। एक्सपर्ट डॉ. श्री विद्या प्रशांत के एक इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने बताया है कि आखिर वजन कब चेक नहीं करना चाहिए। जानिए-
1) पीरियड्स के दौरान- पीरियड्स के 3-4 दिन पहले शरीर में सूजन आ जाती है और हार्मोनल उतार-चढ़ाव और वॉटर रिटेंशन के कारण वजन बढ़ने लगता है। एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन में उतार-चढ़ाव के कारण अधिक पानी जमा हो जाता है जो कुछ लोगों में स्तन, पेट और हाथ-पैरों में सूजन का कारण होता है। इसके अलावा पीरियड्स के दौरान मैग्नीशियम का स्तर कम होगा और चीनी खाने की इच्छा होगी जो शरीर के वजन को बढ़ाती है।
2) एक्सरसाइज के बाद- किसी भी फिजिकल एक्टिविटी या वर्कआउट की प्रेक्टिस के तुरंत बाद व्यक्ति को वजन नहीं मापना चाहिए। दरअसल, फिजिकल एक्टिविटी के बाद शरीर में तरल पदार्थ की कमी के कारण वजन में उतार-चढ़ाव हो सकता है।
3) खाने के बाद- ज्यादा खाने और ज्यादा मात्रा में पानी पीने के तुरंत बाद वजन चेक ना करने की सलाह नहीं दी जाती है। क्योंकि नमकीन खाने के बाद, शरीर में जल प्रतिधारण होता है जो बाद में शरीर का वजन बढ़ाता है।
4) लंबी यात्रा के बाद वजन करना- लंबी यात्रा तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का कारण बन सकती है जिससे शरीर में थोड़ा वजन बढ़ सकता है।
5) बहुत ज्यादा गर्मी में– गर्मियों के दौरान जब बाहरी वातावरण का तापमान ज्यादा होता है, तो हमारी किडनी ज्यादा लिक्विड निकालती है। इसलिए इस दौरान वेट चेक करने से बचना चाहिए।
6) कब्ज- कब्ज़ और पेट फूलने की समस्या के दौरान वजन की जांच न करना अच्छा है।
दरअसल,कब्ज के दौरान वजन चेक करने पर शरीर का वजन बढ़ा हुआ आएगा। हालांकि, पेट ठीक होने के बाद वजन कम आएगा।