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दिल्ली में अवैध B&B गेस्ट हाउसों पर कार्रवाई, सरकार ने बनाई जॉइंट कमिटी

नई दिल्ली: मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में स्थित एक बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली के गृहमंत्री आशीष सूद ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मौके पर निरीक्षण के दौरान गृहमंत्री ने दिल्ली में बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के तहत संचालित गेस्ट हाउसों की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को उन सभी प्रतिष्ठानों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया जो अवैध रूप से चल रहे हैं या निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। आशीष सूद ने कहा कि प्रारंभिक जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राजधानी में किसी भी होटल, गेस्ट हाउस या B&B प्रतिष्ठान में सुरक्षा मानकों से समझौता न हो। उन्होंने अधिकारियों को फायर सेफ्टी, लाइसेंस और भवन नियमों की व्यापक समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।

सरकार का मानना है कि इस हादसे ने राजधानी में संचालित छोटे होटल, गेस्ट हाउस और B&B इकाइयों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में अब व्यापक अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा कर बचाव कार्यों की समीक्षा की और हादसे की परिस्थितियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ दिल्ली अग्निशमन सेवा, जिला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न नागरिक एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी दी और अब तक की जांच के निष्कर्षों से अवगत कराया।

दिल्ली सरकार के अनुसार, शुरुआती जांच में सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों के कई गंभीर उल्लंघन सामने आए हैं। इनमें बिना अनुमति के भवन का व्यावसायिक विस्तार करना, निर्धारित सीमा से अधिक कमरे बनाना और संचालित करना, आपातकालीन निकास मार्गों में अवरोध पैदा करना तथा बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति के तहत मिली अनुमतियों का कथित रूप से गलत इस्तेमाल करना शामिल है। जांच में सामने आया है कि जिस भवन को बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) योजना के तहत सीमित संख्या में कमरों के संचालन की अनुमति दी गई थी, उसका उपयोग कथित तौर पर बड़े पैमाने पर व्यावसायिक लॉजिंग सेंटर के रूप में किया जा रहा था।

6 कमरों की अनुमति थी

मंत्री के अनुसार, संबंधित भवन को बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) योजना के तहत केवल 6 कमरों के संचालन की अनुमति दी गई थी, लेकिन आरोप है कि इसे स्वीकृत क्षमता से कहीं अधिक बड़े स्तर पर संचालित किया जा रहा था। मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई गंभीर कमियां भी सामने आई हैं। इनमें अनिवार्य फायर क्लियरेंस का अभाव और व्यावसायिक उपयोग के लिए आवश्यक कमर्शियल बिजली लोड संबंधी नियमों का पालन नहीं किया जाना शामिल है। सरकार के अनुसार, जांच में यह भी पता चला है कि इन गंभीर खामियों के बावजूद प्रतिष्ठान कथित तौर पर वर्ष 2024 में प्राप्त एक अधूरे और आंशिक लाइसेंस के आधार पर संचालित किया जा रहा था। अब यह जांच का विषय है कि आवश्यक मंजूरियों और सुरक्षा प्रमाण-पत्रों के बिना इतने बड़े स्तर पर संचालन कैसे जारी रहा।

जांच में कमी मिली तो होगी सख्त कार्रवाई

जांच के प्रारंभिक निष्कर्षों का गंभीर संज्ञान लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट, नगर निगम (MCD) के आयुक्त, दिल्ली अग्निशमन सेवा और बिजली विभाग के अधिकारियों को तत्काल संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि राजधानी में पंजीकृत और संदिग्ध सभी B&B प्रतिष्ठानों का व्यापक भौतिक सत्यापन किया जाए। निरीक्षण के दौरान अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, भवन निर्माण मानकों, लाइसेंस संबंधी शर्तों और बिजली आपूर्ति से जुड़े नियमों की विस्तार से जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई प्रतिष्ठान अग्नि सुरक्षा नियमों, भवन उपनियमों या लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाए। इसमें लाइसेंस रद्द करने, प्रतिष्ठान को सील करने और कानूनी कार्रवाई जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।

‘जीरो-टॉलरेंस’ की नीति के तहत होगा एक्शन

मंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में परिसर को सील करना, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को काटना तथा जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करना शामिल होगा। आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार ने ऐसे गैर-कानूनी व्यावसायिक संचालन के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है, जो आम लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं और मानव जीवन के लिए जोखिम पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि रिहायशी क्षेत्रों में सीमित स्तर पर मेहमाननवाजी की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दी गई अनुमति का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि बेड एंड ब्रेकफास्ट जैसी योजनाओं की आड़ में घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के विपरीत बड़े पैमाने पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित न हों।

लापरवाही या नियम-उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं

मंत्री ने कहा कि इस मामले में सख्त जवाबदेही तय की जाएगी और आम लोगों की सुरक्षा को प्रभावित करने वाली किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।मंत्री ने कहा कि सरकार इस बात के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों से समझौता करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मालवीय नगर अग्निकांड की शुरुआती जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनमें फायर सेफ्टी नियमों का पालन न करना, लाइसेंस संबंधी खामियां, क्षमता से अधिक संचालन और भवन नियमों के उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं। इन्हीं निष्कर्षों के आधार पर सरकार ने राजधानी में संचालित सभी पंजीकृत और संदिग्ध बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) प्रतिष्ठानों के व्यापक निरीक्षण के आदेश दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में बुधवार सुबह एक पांच मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। यह भवन ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (B&B) योजना के तहत पंजीकृत था, लेकिन जांच में सामने आया है कि यहां कथित तौर पर नियमों के विपरीत बड़े पैमाने पर होटल और लॉजिंग सुविधा संचालित की जा रही थी। इस भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे। मृतकों में ऐसे लोग भी बताए जा रहे हैं जो दिल्ली के निजी अस्पतालों में इलाज कराने आए थे और इसी भवन में ठहरे हुए थे। हादसे में कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।

प्रारंभिक जांच में भवन के पास फायर सेफ्टी एनओसी (NOC) और ट्रेड लाइसेंस नहीं होने, निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक कमरे संचालित करने, बिना अनुमति व्यावसायिक विस्तार करने तथा आपातकालीन निकास व्यवस्था में गंभीर खामियां होने जैसे तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर पर संचालित रेस्तरां से होने की आशंका है। आग लगने के बाद पूरे भवन में तेजी से धुआं भर गया, जिससे कई लोग ऊपरी मंजिलों पर फंस गए। राहत और बचाव दलों ने घंटों तक अभियान चलाकर 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भवन मालिक और संचालकों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने मुख्य आरोपी लवकेश बजाज और उसकी पत्नी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया है। वहीं दिल्ली सरकार ने राजधानी में संचालित सभी B&B और गेस्ट हाउसों की जांच के आदेश देते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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