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दतिया टिकट विवाद पर कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान, बोले- ‘पार्टी का फैसला ही सुप्रीम’, नरोत्तम मिश्रा ने भी की शांति की अपील

मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में टिकट वितरण के बाद पैदा हुआ विवाद अब धीरे-धीरे शांत होता नजर आ रहा है। राज्य के वरिष्ठ नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्पष्ट कहा है कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है और हर कार्यकर्ता को उसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी भारी बहुमत से चुनाव जीतेंगे।

दूसरी ओर, पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी अपने समर्थकों से संयम बरतने और किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पार्टी के फैसले का सम्मान करना हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है।

कैलाश विजयवर्गीय ने क्या कहा?

इंदौर में मीडिया से बातचीत करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बीजेपी एक लोकतांत्रिक संगठन है, जहां कार्यकर्ता अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व का होता है और सभी को उसका पालन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता अनुशासित होते हैं और समझाने पर संगठन के फैसले को स्वीकार कर लेते हैं। विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि उन्होंने नरोत्तम मिश्रा से बातचीत की है और उन्हें पूरा विश्वास है कि वे पार्टी के फैसले का सम्मान करेंगे।

टिकट नहीं मिलने पर भड़के समर्थक

बीजेपी द्वारा दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

शुक्रवार शाम से शुरू हुआ प्रदर्शन देर रात तक चलता रहा। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-44 को करीब 11 घंटे तक जाम रखा, जिससे दतिया, झांसी, शिवपुरी और ग्वालियर सहित कई क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हुआ।

हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल

प्रशासन के अनुसार प्रदर्शन के दौरान हालात तब बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

हिंसा में—

  • 8 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए।
  • एसडीओपी, एसपी और अतिरिक्त एसपी को भी चोटें आईं।
  • पुलिस और प्रशासनिक वाहनों को नुकसान पहुंचा।
  • कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
  • एम्बुलेंस और बसें लंबे समय तक ट्रैफिक जाम में फंसी रहीं।

नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों से की भावुक अपील

विवाद के बीच नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के उग्र प्रदर्शन से बचें।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ कार्यकर्ताओं के पेट्रोल या केरोसिन डालकर विरोध करने जैसे वीडियो सामने आए हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी के भीतर मतभेद व्यक्त करने के तय मंच हैं और विरोध का तरीका शांतिपूर्ण होना चाहिए।

प्रशासन ने कैसे संभाली स्थिति?

दतिया जिला प्रशासन ने पूरी रात प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर सड़क खाली कराने का प्रयास किया। जब बातचीत सफल नहीं हुई और पथराव शुरू हुआ, तब पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

प्रशासन का कहना है कि भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज से बचते हुए संयम बरता गया और यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया गया ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।

क्यों हो रहा है दतिया उपचुनाव?

दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराए जाने और उनकी सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई है।

अब इस सीट पर—

  • 30 जुलाई को मतदान होगा।
  • 3 अगस्त को मतगणना की जाएगी।

बीजेपी ने इस बार पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है, जिसके बाद पार्टी के भीतर असंतोष देखने को मिला।

मुख्य बातें

  • कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “पार्टी का फैसला ही सर्वोपरि है।”
  • नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों से विरोध समाप्त करने और शांति बनाए रखने की अपील की।
  • टिकट विवाद के बाद दतिया में 11 घंटे तक हाईवे जाम रहा।
  • हिंसा में 8 पुलिसकर्मी घायल हुए और कई सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुए।
  • 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना होगी।

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