राम मंदिर चढ़ावा चोरी का बड़ा खुलासा! ₹2,000 से शुरू हुआ खेल, फिर रोजाना 3 लाख तक उड़ाने लगा गिरोह

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। पुलिस रिमांड के दौरान गिरफ्तार तीन आरोपियों ने पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी हैं। शुरुआती जांच के अनुसार, चढ़ावे से पैसे चुराने की शुरुआत बेहद छोटी रकम से हुई थी, लेकिन समय के साथ आरोपियों का हौसला बढ़ता गया और कथित तौर पर वे रोजाना लाखों रुपये तक निकालने लगे।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने चोरी के तरीके, रकम छिपाने के स्थान और पूरे कथित नेटवर्क के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
कैसे शुरू हुई कथित चोरी?
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कथित तौर पर इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत अविनाश शुक्ला ने की थी। बाद में करुणेश पांडेय उसके साथ जुड़ गए और फिर अनुकल्प मिश्र, लवकुश तिवारी समेत अन्य लोग भी इस कथित गिरोह का हिस्सा बनते गए।
शुरुआत में आरोपियों ने केवल 2,000 रुपये निकालने का जोखिम उठाया। लगातार कई दिनों तक किसी को संदेह नहीं हुआ तो कथित तौर पर चोरी की रकम बढ़ती चली गई।
धीरे-धीरे लाखों तक पहुंच गई रकम
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहले 10 से 15 हजार रुपये तक निकालना आसान लगा। बाद में लालच बढ़ने के साथ कथित तौर पर एक व्यक्ति द्वारा प्रतिदिन 1 लाख से 3 लाख रुपये तक निकालने की कोशिश की जाने लगी।
जांच के अनुसार, आरोपियों के बीच अधिक से अधिक रकम निकालने की होड़ जैसी स्थिति बन गई थी।
चोरी का कथित तरीका क्या था?
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि—
- चढ़ावे की गिनती के दौरान किसी की नियमित तलाशी नहीं होती थी।
- नकदी को पहले एक सुरक्षित स्थान पर छिपा दिया जाता था।
- बाथरूम के पास सीवर लाइन के लिए बने गड्ढे का कथित तौर पर अस्थायी ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
- बाद में मौका देखकर रकम मंदिर परिसर से बाहर ले जाई जाती थी।
- जेबों और जुराबों में नोट छिपाकर बाहर निकलने की बात भी पूछताछ में सामने आई।
- ढीली शर्ट पहनने से नकदी छिपाने में आसानी होती थी।
इन सभी जानकारियों की जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से पुष्टि कर रही हैं।
रिमांड के दौरान क्या रहा आरोपियों का व्यवहार?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रिमांड के दौरान आरोपी मानसिक दबाव में दिखाई दिए। अधिकारियों का कहना है कि वे लंबे समय तक सो नहीं पा रहे थे और कई बार भावुक भी हो जाते थे।
हालांकि, पुलिस का यह भी दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पूरे घटनाक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
जेल में क्या बताया आरोपियों ने?
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने यह भी बताया कि जेल में बंद कुछ अन्य कैदियों ने उन्हें कानूनी प्रक्रिया को लेकर सलाह दी और भरोसा दिलाया कि उन्हें भविष्य में राहत मिल सकती है।
साथ ही आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि मामला चर्चा में आने के बाद उनके परिवारों को सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और स्थानीय स्तर पर भी इसकी व्यापक चर्चा हो रही है।
पुलिस किन पहलुओं की जांच कर रही है?
जांच एजेंसियां फिलहाल कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम कर रही हैं—
- चोरी की कुल रकम कितनी थी।
- कथित गिरोह में कितने लोग शामिल थे।
- सुरक्षा व्यवस्था में कहां-कहां चूक हुई।
- चोरी की गई रकम का उपयोग कहां किया गया।
- क्या इस मामले में अन्य लोगों की भी भूमिका थी।
मुख्य बातें
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में तीन आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं।
- पूछताछ में कथित तौर पर ₹2,000 से चोरी शुरू होने की बात सामने आई।
- बाद में रोजाना लाखों रुपये तक निकालने के आरोप सामने आए।
- आरोपियों ने कथित तौर पर पैसे छिपाने और बाहर ले जाने का तरीका भी बताया।
- पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
- अंतिम निर्णय और दोष तय होना अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।




