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Rau’s IAS हादसे में CBI का बड़ा खुलासा! 3 छात्रों की मौत के लिए इन अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार

दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित Rau’s IAS हादसा मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच पूरी कर अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। इस रिपोर्ट में तीन छात्रों की दर्दनाक मौत के लिए नगर निगम के तीन अधिकारियों को ड्यूटी में लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया गया है। वहीं, दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ पर्याप्त आपराधिक साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें क्लीनचिट दी गई है।

यह हादसा पिछले वर्ष देशभर में चर्चा का विषय बना था, जब भारी बारिश के दौरान कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर गया और उसमें फंसने से तीन छात्रों की मौत हो गई। इस घटना के बाद कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, भवन नियमों और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर देशव्यापी बहस छिड़ गई थी।

CBI की रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ?

सीबीआई ने राउज एवेन्यू स्थित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अपनी क्लोजर रिपोर्ट पेश की। अदालत के निर्देश पर जांच एजेंसी ने नगर निगम के भवन विभाग के अधिकारियों की भूमिका की विस्तार से जांच की।

रिपोर्ट के अनुसार निम्न अधिकारियों की ओर से ड्यूटी में गंभीर लापरवाही पाई गई—

  • तत्कालीन जूनियर इंजीनियर (भवन) अर्नव कुमार दत्ता
  • तत्कालीन सहायक अभियंता राजीव कुमार जैन
  • तत्कालीन अधिशासी अभियंता कुमार महेंद्रु

सीबीआई का कहना है कि इन अधिकारियों की लापरवाही हादसे के लिए जिम्मेदार कारकों में शामिल रही।

किन अधिकारियों को मिली क्लीनचिट?

जांच के दौरान सीबीआई को दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक लापरवाही साबित करने योग्य पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले।

इन अधिकारियों को रिपोर्ट में राहत मिली है—

  • तत्कालीन अधीक्षण अभियंता अजय नागपाल
  • तत्कालीन निगम उपायुक्त कुमार अभिषेक

रिपोर्ट के अनुसार उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर इनके खिलाफ सीधे आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकी।

कैसे हुआ था दर्दनाक हादसा?

ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित Rau’s IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में भारी बारिश के दौरान अचानक पानी भर गया था। उस समय बेसमेंट में मौजूद तीन छात्र बाहर नहीं निकल सके और उनकी मौत हो गई।

इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

जांच में किन पहलुओं की हुई समीक्षा?

सीबीआई ने जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर फोकस किया, जिनमें शामिल हैं—

  • भवन निर्माण नियमों का पालन।
  • बेसमेंट के उपयोग की वैधता।
  • सुरक्षा मानकों का अनुपालन।
  • नगर निगम अधिकारियों की जिम्मेदारी।
  • संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच।
  • प्रशासनिक निगरानी में संभावित लापरवाही।

हादसे के बाद क्या बदला?

इस दुर्घटना के बाद दिल्ली सहित कई राज्यों में प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की व्यापक जांच शुरू की।

कई स्थानों पर—

  • बेसमेंट में संचालित कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया गया।
  • अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्रों की जांच हुई।
  • भवन अनुमति और नक्शों का सत्यापन किया गया।
  • नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

अब आगे क्या होगा?

सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट अब अदालत के समक्ष है। आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के निर्णय के अनुसार चलेगी।

यदि अदालत रिपोर्ट को स्वीकार करती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय होगी। वहीं, पीड़ित परिवारों और छात्रों की नजर भी अब न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई है।

प्रमुख बातें

  • Rau’s IAS हादसा मामले में CBI ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की।
  • तीन नगर निगम अधिकारियों को ड्यूटी में लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया गया।
  • दो वरिष्ठ अधिकारियों को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर क्लीनचिट मिली।
  • हादसे में बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हुई थी।
  • रिपोर्ट के बाद अब अदालत आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी।
  • हादसे के बाद देशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू हुई।

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