
.नई शिक्षा नीति में महिला सशक्तिकरण की भूमिका
पुरानी बस्ती स्थित अग्रसेन महाविद्यालय में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ऑनलाइन ऑफलाइन मोड पर किया गया। महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता और नई शिक्षा नीति को लेकर पहले वक्ता के रूप में यूएसए टेक्सास से श्रीमती यामिनी ठाकुर ने कहा कि एक स्त्री सामाजिक, व्यवसायिक, राजनीतिक, मानसिक हर तरह से सक्षम होती है बस उन्हें मौका देने की आवश्यकता है है समय परीक्षा के लिए तैयार स्त्री अपने परिवार के साथ समाज में भी अपना सम्मांजस्य बना कर चलती है।आज की राष्ट्रीय शिक्षा नीति विषय पर उन्होंने बताया की स्त्री को शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त करने की जरूरत है ताकि ग्रामीण स्तर की महिलाएं भी अपनी सार्थक भूमिका निभा सके।
दूसरे वक्त के रूप में रवीना बरिहा लैंगिक समानता पर अपने विचार रखे और बताया की नई शिक्षा नीति के अंतर्गत अब जेंडर आइडेंटिटी की आवश्यकता है इसके साथ साथ उन छात्रों की पहचान करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है। महिला सशक्तिकरण के आज के सेशन में यह भी बताया की ट्रांसजेंडर को समाज में स्वीकृति दिलाने में समाज की क्या भूमिका है।
सेमिनार के बारे में अन्य जानकारी देते हुए महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ व्ही के अग्रवाल ने कहा की स्त्री सर्वशक्तिमान होती है समुवके परिवर्तन के साथ साथ स्वयं और समाज का भी सकारात्मक परिवर्तन करने की क्षमता होती है। महाविद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर डॉ अमित अग्रवाल ने बताया की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण भूमिका की बहुत आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन डॉ मंजू ठाकुर ने किया।कार्यक्रम प्रभारी ने बताया कि सेमिनार का समापन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर होगा। इस अवसर पर अजय दानी, आर के अग्रवाल, मधुलिका अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित थे।
हमारे महाविद्यालय द्वारा प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 5 महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा।।महाविद्यालय के सभी महिला प्राध्यापकों एवं अन्य स्टाफ से महिला दिवस के दिन किसी भी प्रकार का कोई कार्य नहीं कराया जाएगा एवं चतुर्थ श्रेणी के स्टाफ को विशेष उपहार देकर सम्मानित किया जाएगा।



